ये दुनिया बहुत रंगीली हैं !


ये आसमान बहुत ऊचा हैं
ये धरती भी बहुत बड़ी हैं
तू आकर तो देख जरा
ये दुनिया बहुत रंगीली हैं !

सूंड वाला हाथी हैं
धारी वाली गिलहरी हैं !
फूल हैं खुशबु वाले
और हरी भरी तरकारी हैं !
आम हैं रसीला पर
खट्टी मीठी इमली हैं !
कौआ हैं काला कितना पर
रंगबिरंगी तितली हैं !
तू आकर तो देख जरा
कितनी खुबसूरत अपनी ये प्रकृति हैं !

आकाश में उड़ता कैसे कोई पंछी हैं
पानी में कैसे तैरती मछली हैं !
कैसे बादलो से बुँदे निकली हैं
और कैसे जलती ये माचिस की तीली हैं !
क्यों रेगिस्तान हैं सूखा और नदियाँ गीली हैं
क्यों पहाड़ हैं खड़ा और खाई गहरी हैं !
मूछ वाले हैं काका क्यों और
साड़ी वाली कैसे काकी हैं !
तू आकर तो सुलझा जरा
इस दुनिया में कितनी पहेली हैं !

सुबह हैं चमकीली और
शाम सुनहरी हैं !
दिन हैं उजालो वाला
पर रात अंधियारी हैं!
बारिश में निकलता छाता यहाँ
और सर्दियों में स्वेटर पहनना जरुरी हैं !
गर्मी कटे कैसे बिन कूलर के
हर मौसम की अपनी तैयारी हैं !
तू आकर तो देख जरा
हर दिन की यहाँ निराली कहानी हैं !

बादलो का हैं दोस्त तू
या सितारों की तू सहेली हैं !
आयेगा युवराज बनकर
या परी देस की शाहज़ादी हैं !
सूरत हैं कैसी तेरी
और किसने तेरी नज़र उतारी हैं !
पहचानेगा तू कैसे हमको
क्या तुझको हमारी जानकारी हैं !
तू आकर तो बता जरा
इस बात की बड़ी बेकरारी हैं !

ये आसमान बहुत ऊचा हैं
ये धरती भी बहुत बड़ी हैं
तू आकर तो देख जरा
ये दुनिया बहुत रंगीली हैं !

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