लफ्जो में कर देता हु बयाँ, दिल का मैं अफसाना


People who read my blog, usually ask me one question “Ankit , How you get idea to write these articles and poems.”  I really don’t know specific answer of this question; sometimes I got the idea when my sleep interrupts in night due to any reason; sometime idea strikes in my head, when I meet any friends after a long time, or when I travel  a new place; sometime I got the idea from the environment, and people surrounding; sometime memories, and past experiences inspired me to write about any topic; sometime my fantasies shapes into an article or poem; and sometime it was my dreams and hope for future that moulds into words.

I tried to answer this question in my poetic way; Read it and share your views, how much I succeeded to answer your question.

ना हैं कोई कविता ये, ना ही कोई गजल हैं
लिखता हु जो में वो, मेरा बिता हुआ कल हैं
लफ्जो में कर देता हु बयाँ, दिल का मैं अफसाना
ना दुनियादारी की समझ, ना ज़माने की अक्ल हैं

कुछ अधूरे ख्वाब हैं, कुछ अनछुए अरमान हैं
थोड़ी यादों की बस्ती हैं, थोड़ी यारो की मस्ती हैं
कही बच्चो को दुलारती, किसी माँ का आँचल हैं
कही खेतो में लहलहाती, किसी किसान की फसल हैं
कही रोजमर्रा की ज़िन्दगी से चुराया, फुर्सत का एक पल हैं
तो कही दिल को छू गयी, किसी अपने की गल हैं
ना हे कुछ व्यापार इसमें, ना ही कोई प्रतिस्पर्धा हैं
बस दिल में बहती भावनाओ का, पावन ये जल हैं

दुनिया की नज़र में ये, किसी पागल की कलम हैं
पर मिटा दे हर दर्द चुटकियो में, ये वो दुआओ का मरहम हैं
पढ़ कर के जाये याद, किसी अपने की तुमको
तो समझ लेना उससे मिलती, मेरे दोस्तों की शकल हैं
ना शब्दों का दंगल हैं, ना जज्बातों का जंगल हैं
तन्हाई में सँवरता बस, मेरे ख्वाबो का मंजर हैं

ना हैं कोई कविता ये, ना ही कोई गजल हैं
लिखता हु जो में वो, मेरा बिता हुआ कल हैं
लफ्जो में कर देता हु बयाँ, दिल का मैं अफसाना
ना दुनियादारी की समझ ना ज़माने की अक्ल हैं


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6 thoughts on “लफ्जो में कर देता हु बयाँ, दिल का मैं अफसाना

  1. Superb!!!!
    Hats Off!!!

    “पढ़ कर के आ जाये याद, किसी अपने की तुमको
    तो समझ लेना उससे मिलती, मेरे दोस्तों की शकल हैं”

    What a thought!
    Really impressive piece of poetry

  2. bas aap ese khubsurat likhate raho is bhagdaud wali jindgime padhakar sakoon mila.sari khushiya aapko mile ,namste

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